एजुकेशन
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अग्रवाल विद्या विहार स्कूल ने सूरत में आयोजित किया भव्य विंटर कार्निवल 2024, बच्चों ने प्रस्तुत किया ‘क्लासिकल इंडियन एडवर्टाइजमेंट’ पर आधारित रंगीन आयोजन
अग्रवाल विद्या विहार स्कूल द्वारा विंटर कार्निवल 2024 का आयोजन शनिवार को शाम पाँच बजे से वेसु स्थित जमनाबा पार्टी…
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AMNS इंटरनेशनल स्कूलने पर्यावरणीय स्थिरता के संदेश के साथ खेल दिवस मनाया
हजीरा –सूरत, दिसंबर24, 2024: AMNS इंटरनेशनल स्कूल ने कक्षा 5 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए वार्षिक खेल दिवस…
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अग्रसेन महिला शाखा एवं युवा शाखा द्वारा “प्रोजेक्ट ज्ञानसेतु” की शुरुआत
सूरत: अग्रवाल विकास ट्रस्ट महिला शाखा एवं युवा शाखा द्वारा 25 नवंबर 2024, सोमवार को “प्रोजेक्ट ज्ञानसेतु” की शुरुआत की…
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पश्चिम क्षेत्र अंतर विश्वविद्यालय टूर्नामेंट में खेलेगी अग्रवाल स्कूल की छात्राएं
सूरत: वेसु स्थित अग्रवाल विद्या विहार स्कूल की छात्रा नियति जैन एवं माही झवेरी का चयन वीर नर्मद साउथ गुजरात…
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विश्वविद्यालय मेले का हुआ भव्य आयोजन
सूरत: वेसु स्थित अग्रवाल विद्या विहार स्कूल में मंगलवार को विश्वविद्यालय मेले का भव्य आयोजन किया गया। स्कूल के अध्यक्ष…
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सुपर 30 के संस्थापक आनंद कुमार , अब गुजरात में एक नए प्रोजेक्ट “मिशन कामयाब “ का मार्गदर्शन करेंगे
सूरत,11 नवंबर: इस कार्यक्रम के तहद 40 स्टूडेंट्स के लिए सुपर 30 के तर्ज पर रहने, खाने और पढ़ाई की…
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वेदांत ने सुंदरगढ़ में सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ियों के बुनियादी ढांचे को बढ़ाया
दिल्ली, 4 नवंबर: भुवनेश्वर,04/11 –गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक व्यापक पहुंच और युवाओं को सशक्त बनाने के साथ सामुदायिक विकास के प्रति प्रतिबद्धता दिखाते…
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GS Yodha Book से UP पुलिस परीक्षा में 80-90% प्रश्न हू-ब-हू आये, सफलता की गारंटी
मेरठ (उत्तर प्रदेश), अक्टूबर 04: प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बाजार में सैकड़ो पुस्तकें हैं लेकिन इन सभी पुस्तकों…
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Toppers की पहली पसंद Vidya Question Bank-2025
मेरठ, सितम्बर 19 : अनेक विशेषताओं से युक्त सर्वश्रेष्ठ परीक्षा मार्गदर्शक, इसका कोई विकल्प नहीं 100% सफलता के लिए परीक्षार्थी…
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बच्चो की आत्महत्या के जिम्मेदार माता पिता या स्कूल कोचिंग ?
नई दिल्ली, सितम्बर 20: भारत में छात्र आत्महत्या के मामले लगातार तेजी से बढ़ रहे हैं। जितने भारत में टॉपर्स निकल रहे हैं, उससे 10 गुना ज्यादा बच्चे आत्महत्या कर रहे हैं। सिर्फ 10वीं-12वीं या कॉलेज के बच्चों के ही नहीं, बल्कि इससे भी ज्यादा कक्षा 4 से लेकर कक्षा 9 तक के बच्चे आत्महत्या कर रहे हैं। इसका जिम्मेदार कौन है? माता-पिता, स्कूल या खुद बच्चे? इसी विषय पर हमारी बातचीत BIYZEN Youth Services के डायरेक्टर श्री अमनदीप से हुई।अमनदीप ने इस मुद्दे को बहुत गंभीरता से समझाया।उन्होंने बताया कि भारत आधुनिकता की ओर तेजी से बढ़ रहा है, और इस बदलाव के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों प्रकार के प्रभाव देखने को मिल रहे हैं। हर इंसान को तनाव का सामना करना पड़ता है, चाहे वह 8 साल का बच्चा हो या 60 साल का वयस्क। पिछले दो दशकों में मानसिक सहनशीलता की कमी के कारण कई बदलाव हुए हैं, जिससे तनाव और आत्महत्या के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। BIYZEN Youth Services हजारों बच्चों को आत्महत्या से बचा चुका है और उन्हें अपनी सेवाएं प्रदान कर चुका है। उनकी Stress Reliever Shield बच्चों को तनाव और आत्महत्या से बचाती है, जिससे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और जीवन के मूल्यों को समझना आसान हो जाता है। अमनदीप ने बताया कि जब वह किसी मातापिता से बात करते हैं, तो सभी यही कहते हैं कि “हमारे बच्चों को किसी प्रकार का तनाव नहीं है।” लेकिन जब उन्हें यह बताया जाता है कि जिन बच्चों ने आत्महत्या की, उनके माता पिता का भी यही जवाब था, तब उन्हें समझ आता है कि किसी की मानसिक स्थिति को बिना काउंसलिंग के समझा नहीं जा सकता, क्योंकि तनाव बताकर नहीं आता। स्कूलों में इस सेवा को देने पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं मिलती हैं। अमनदीप ने बताया कि जब वह स्कूलों में जाकर अपनी सेवाएं बच्चों को देने की कोशिश करते हैं, तो कुछ स्कूल इसे मुफ्त में भी बच्चों तक नहीं पहुँचने देते। दुःख की बात तो यह है कि जिन स्कूलों के बच्चे आत्महत्या कर चुके होते हैं, वे भी माता-पिता को दोषी ठहराकर बच्चों तक यह सेवा नहीं पहुँचने देते। कुछ स्कूल इस सेवा का शुल्क बहुत अधिक बताकर मना कर देते हैं, तो कुछ यह कहकर मना करते हैं कि “हमारे बच्चों को इसकी जरूरत नहीं है, बाद में आना।”…
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